अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन से पहले धार्मिक गतिविधियां जारी

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अयोध्या/नई दिल्ली : अयोध्या में राम जन्मभूमि निर्माण के लिए भूमि पूजन से दो दिन पहले से ही धार्मिक गतिविधियां जारी है. अयोध्या में हर जगह बैरीकेड लगा दिए गए हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपील की है कि अयोध्या में बुधवार को होने वाले भूमि-पूजन समारोह में सिर्फ वही लोग आएं, जिन्हें आमंत्रित किया गया है.

अयोध्या/नई दिल्ली : अयोध्या में राम जन्मभूमि निर्माण के लिए भूमि पूजन से दो दिन पहले से ही धार्मिक गतिविधियां जारी है. अयोध्या में हर जगह बैरीकेड लगा दिए गए हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपील की है कि अयोध्या में बुधवार को होने वाले भूमि-पूजन समारोह में सिर्फ वही लोग आएं, जिन्हें आमंत्रित किया गया है.

योगी ने राम जन्मभूमि के पास घंटों रह कर समारोह की तैयारियों की समीक्षा की. उच्चतम न्यायालय के पिछले साल के फैसले के बाद यहां मंदिर निर्माण का काम शुरू होने वाला है.

सोमवार को 12 पुजारियों ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की. उसके बाद भगवान राम और माता सीता के राजवंशों के देवी-देवताओं की पूजा की जाएगी. मंगलवार को अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा की जाएगी.

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने कई ट्वीट और संवाददाता सम्मेलन में बताया कि मुख्य समारोह के लिए आमंत्रित किए गए 175 लोगों में से 135 संत हैं जो विभिन्न आध्यात्मिक परंपराओं का हिस्सा हैं.

ट्रस्ट ने यह भी कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण धार्मिक नेताओं सहित कुछ अतिथियों को भूमि-पूजन समारोह में शामिल होने में कुछ दिक्कतें आ रही हैं.

राम मंदिर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली और बाबरी मस्जिद ध्वंस मामले में आरोपी भाजपा की अनुभवी नेता उमा भारती ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण वह भूमि पूजन में भाग नहीं लेंगी. उन्होंने कहा कि वह पूजन समाप्त होने के बाद अपनी पूजा करेंगी.

ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से कहा है कि कोविड-19 से जुड़ी पाबंदियों को ध्यान में रखते हुए वे अयोध्या के बाहर ही ‘‘भजन-कीर्तन’ का आयोजन करें.

भूमि पूजन में आमंत्रित अतिथियों में इकबाल अंसारी भी शामिल हैं. वह मंदिर-मस्जिद विवाद मामले में पक्षकार थे.

69 वर्षीय अंसारी ने  कहा, मैं इसमें पक्का हिस्सा लूंगा. न्यायालय के फैसले के बाद अब विवाद खत्म हो गया है.

अंसारी के पिता हाशीम अंसारी इस मामले में सबसे पुराने पक्षकार थे, जिनकी 2016 में मृत्यु हो गई. उनके बाद बेटे ने इस मुकदमे को अदालत में जारी रखा.

उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि अयोध्या के एक सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद शरीफ को भी कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया गया है लेकिन वह बड़ी उम्र और बीमारी के कारण इसमें शामिल नहीं हो पाएंगे.

कार्यक्रम के दौरान मंच पर सिर्फ पांच लोग होंगे…. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, ट्रस्ट के प्रमुख महंत नृत्य गोपालदास महाराज, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ.

वामपंथी दलों ने कार्यक्रम का विरोध करते हुए कहा है कि केन्द्र और राज्य सरकार के तत्वाधान में भूमि पूजन का आयोजन उच्चतम न्यायालय के आदेश के विरूद्ध है जिसने इसके लिए ट्रस्ट के गठन का आदेश दिया था.

भाकपा और माकपा ने अलग-अलग बयान जारी कर कहा कि फैसला सुनाते हुए उच्चतम न्यायालय ने 1992 में बाबरी मस्जिद गिराए जाने की घटना की निंदा की थी.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भूमि पूजन के लिए घोषित पांच अगस्त की तिथि को अशुभ मुहुर्त बताते हुए सोमवार को फिर से प्रधानमंत्री मोदी से अनुरोध किया कि वह इस कार्यक्रम को स्थगित कर दें और चतुर्मास खत्म होने के बाद इसे करें.

दिग्विजय सिंह द्वारा पांच अगस्त को भूमि पूजन के लिए अशुभ मुहुर्त बताने पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि अरे कांग्रेसियों, राम का नाम लेने से ही समय शुभ हो जाता है.’ पिछले नौ दिनों से भोपाल स्थित चिरायु मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कोरोना वायरस संक्रमण का अपना इलाज करवा रहे चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया,  

कांग्रेस के नेता, जिन्होंने श्रीराम के अस्तित्व को ही नकार दिया, आज राम मंदिर के निर्माण के शुभ-अशुभ समय का निर्धारण करने में लगे हैं. अरे कांग्रेसियों, राम का नाम लेने से ही समय शुभ हो जाता है.

गौरतलब है कि चौहान कोरोना वायरस से संक्रमित होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं.

वहीं योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन को ‘ऐतिहासिक’ बताया.

उन्होंने बताया, यह ना सिर्फ ऐतिहासिक है बल्कि भावनात्मक पल भी है क्योंकि 500 साल के बाद राम मंदिर निर्माण कार्य शुरू हो रहा है. यह नये भारत की नींव होगा.

कार्यक्रम का दूरदर्शन पर साीधा प्रसारण होगा.

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