बेशकीमती जमीनों को हथियाकर भूमाफिया बनते जा रहे राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया

विजया पाठक

एडिटर, जगत विजन

कांग्रेस पार्टी में रहते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने से वंचित रह गए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा ज्वॉइन कर ली। इस पार्टी में आते ही उन्होंने एक बार फिर अपने इच्छानुसार ग्वालियर जिले में बनें मंदिरों की जमीनों को हथियाना शुरू कर दिया है। यह पहला ऐसा मामला नहीं है जब सिंधिया ने ऐसा किया हो। इससे पहले भी कांग्रेस में रहते हुए भी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जमीनों के जमकर घोटाले किए। वर्षों से ग्वालियर में शासन कर रहे सिंधिया परिवार के ज्योतिरादित्य ने वहां के स्थानीय लोगों के लिए कोई ऐसा कार्य नहीं किया जिससे लोग उनके समर्थन में खड़े हो सके।


SPONSORED

इतना ही नहीं सिंधिया अब लगातार अपनी सरकार की शक्ति का उपयोग करते हुए जमीनों को सिंधिया ट्रस्ट के नाम पर परिवर्तित कराते जा रहे है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। सिंधिया के रसूख के आगे नतमस्तक प्रशासनिक अमले ने सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट की जमीन पर बने मंदिर के पुजारी के परिवार को वहां से बेदखल कर दिया। प्रशासन ने पुजारी के परिवार के द्वारा अवैध कब्जा और निर्माण के आरोप में यह कार्रवाई की। वहीं, पुजारी के परिवार ने प्रशासन पर सिंधिया परिवार के इशारे पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया। दरअसल पुजारी का परिवार ग्वालियर शहर के बहोडापुर थाना क्षेत्र में शब्द प्रताप आश्रम के नजदीक बने भूतेश्वर मंदिर के पास रहता था।


मैंने हाल ही में ग्वालियर का दौरा किया, वहां देखा कि किस तरह से लोग सिंधिया की अराजकता से परेशान है। यही वजह है कि जब सिंधिया ने भाजपा का दामन थामा और प्रदेश में शिवराज सरकार बनी तो सिंधिया अपनी मर्जी अनुसार राजस्व मंत्रालय के लिए अड़ गए। ताकि वो अपनी इच्छानुसार अपने चहेते अफसरों की पोस्टिंग करवाकर ग्वालियर की तमाम बेशकीमती जमीनों को हथिया सके और वो पिछले एक साल से यही करते आ रहे है। इतना ही नहीं स्व. माधवराव सिंधिया के करीबी रहे बालेंदु शुक्ला ने भी आरोप लगाया है कि ज्योतिरादित्य तमाम जमीनों पर कब्जा कर रहे है और मंदिरों के पुजारियों से पांच-पांच हजार रूपए की वसूली कर रहे है, जो उनके लिए शर्मनाक है। शहर के अंदर जितनी भी जमीनें ऐसी है जिन्हें ज्योतिरादित्य अपना समझते है उन्होंने तमाम जगहों पर दीवारें खिंचवा दी है और अपने चेले और राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की मदद से उन जमीनों को अपने नाम करवाते जा रहे है। क्रमशः…

यह सभी विचार लेखक के अपने विचार है,, इसके लिए वेबसाइट मालिक जिम्मेदार नही है…

You may have missed

error: Do not copy content thank you