August 12, 2020

माजिद मेमन का बेतुका ट्वीट कहा- मौत के बाद ज्यादा प्रसिद्ध हुए सुशांत

राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता माजिद मेमन ने सुशांत सिंह राजपूत को लेकर बड़ा बेतुका बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सुशांत मृत्यु के बाद ज्यादा प्रसिद्ध हुए हैं. पार्टी ने मेमन के बयान को निजी बताया है और खुद को अलग कर लिया है. पढ़ें विस्तार से…

मुंबई : राकांपा नेता माजिद मेमन ने बुधवार को कहा कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अपने जीवनकाल में उतने प्रसिद्ध नहीं थे, जितने मृत्यु के बाद हुए. मेमन की पार्टी राकांपा ने उनकी इस टिप्पणी पर असहमति जताते हुये खुद को इससे अलग कर लिया. राकांपा ने कहा कि यह पार्टी की नहीं, मेमन की निजी राय है.

पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं प्रमुख वकील मेमन ने यह भी कहा कि मीडिया में आजकल भारतीय प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति से अधिक दिवंगत अभिनेता खबरों में छाए हैं.

उनकी पोस्ट पर सोशल मीडिया पर जब प्रतिक्रियाएं आने लगीं, तो मेमन ने कहा कि उनकी टिप्पणियों में किसी भी तरह से दिवंगत अभिनेता का अपमान नहीं किया गया है.

यहां बांद्रा इलाके में 14 जून को 34 वर्षीय राजपूत को अपने अपार्टमेंट में फांसी से लटका पाया गया था.

उनकी आत्महत्या को लेकर बिहार और महाराष्ट्र की सरकारों के बीच रस्साकशी चल रही है. महाराष्ट्र कह रहा है कि अभिनेता की मृत्यु मुम्बई में होने से यह मामला बिहार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है.

मुंबई पुलिस ने अब तक राजपूत की बहनों, उनकी दोस्त और अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और कुछ अन्य फिल्मी हस्तियों सहित 56 लोगों के बयान दर्ज किए हैं.

मेमन ने ट्वीट किया, ‘सुशांत अपने जीवनकाल के दौरान उतने प्रसिद्ध नहीं थे, जितने वह अपनी मृत्यु के बाद हुए. आजकल मीडिया में उनकी जितनी चर्चा चल रही हैं, वह शायद हमारे प्रधानमंत्री या अमेरिका के राष्ट्रपति से कहीं अधिक है!’ मेमन ने कहा कि जब किसी अपराध की जांच चलती है तो गोपनीयता बनाए रखनी पड़ती है. महत्वपूर्ण सबूत जुटाने की प्रक्रिया की हर प्रगति को सार्वजनिक करने से सच्चाई और न्याय के हित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.

अपनी पोस्ट पर सोशल मीडिया पर हो रही प्रतिक्रिया पर मेमन ने बाद में कहा, ‘सुशांत पर मेरी ट्वीट पर बहुत हंगामा है. क्या इसका मतलब यह है कि सुशांत अपने जीवनकाल में लोकप्रिय नहीं थे या उन्हें न्याय नहीं मिलना चाहिए? निश्चित रूप से नहीं. गलत व्याख्या से बचना चाहिए.

ट्वीट में उनको किसी भी तरह से अपमान नहीं किया गया या उन्हें छोटा नहीं दिखाया गया है.’ महाराष्ट्र के मंत्री एवं राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि मेमन की टिप्पणी पार्टी के विचार को नहीं दर्शाती है और पार्टी किसी भी तरह से उनके बयान का समर्थन या अनुमोदन नहीं करती है.

मलिक ने ट्वीट किया, ‘ट्विटर पर माजिद मेमन का बयान उनकी निजी राय है, राकांपा की नहीं है. हमारी पार्टी किसी भी तरह उनके बयान का समर्थन या अनुमोदन नहीं करती. वह राकांपा के प्रवक्ता नहीं हैं, जिस पर सभी को ध्यान देना चाहिए.’

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