कोरोना के संकटकाल के बीच आयोजित हुई NEET, मध्यप्रदेश के 10 हजार छात्रों ने दी परीक्षा

कोरोना काल के बीच आज देशभर में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) का आयोजन कराया गया. भोपाल में भी 26 केंद्रों पर NEET की परीक्षाएं आयोजित कराई गई. एमपी के 10 हजार छात्र भी NEET परीक्षा हुए.

भोपाल। कोरोना काल में आज रविवार को देशभर में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) का आयोजन कराया गया. मध्यप्रदेश में भी आज 144 केंद्रों पर नीट की परीक्षा का आयोजन हुआ.

वहीं राजधानी भोपाल में भी 26 केंद्रों पर NEET की परीक्षाएं आयोजित कराई गई. NEET की परीक्षा में एमपी के 10 हजार छात्र शामिल हुए. वहीं भोपाल में 600 के करीब छात्रों ने NEET की परीक्षा दी. कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए भोपाल के 26 परीक्षा केंद्रों पर खास व्यवस्थाएं की गई थी.

मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली नीट की परीक्षा आज देशभर में आयोजित कराई गई. जिसमें लाखों छात्र शामिल हुए. बता दें कि इस बार कोरोना संक्रमण के चलते नीट की परीक्षा अपने तय समय से काफी देरी से आयोजित कराई गई है.

2 से 5 बजे की एक ही शिफ्ट में हुई सभी छात्रों की परीक्षा

2 बजे से 5 बजे की एक ही शिफ्ट में राजधानी भोपाल में सभी छात्रों की परीक्षाएं कराई गई. कोरोना वायरस को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर छात्रों के लिए खास व्यवस्था की गई थी.

परीक्षा केंद्रों पर छात्रों को ग्लब्स, मास्क और पानी की बोतल के साथ परीक्षा केंद्रों पर एंट्री दी गई. वहीं छात्रों के लिए वाहन की सुविधा भी की गई थी. प्रदेश के अलग-अलग जिले से आने वाले छात्रों के लिए बसों की सुविधा सरकार की ओर की गई थी. वहीं राजधानी भोपाल के छात्रों के 30 मैजिक वाहनों की व्यवस्था की गई थी, शहर के अलग अगल क्षेत्रों से छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने का काम किया है.

एक कमरे में बैठे सिर्फ 12 छात्र

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी(एनटीए) ने फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाये रखने के लिये परीक्षा केंद्रों की संख्या को मूल योजना के तहत 2546 केंद्रों से बढ़ाकर 3843 केंद्र कर दिया था, वहीं प्रत्येक कमरे में उम्मीदवारों की संख्या को पूर्व निर्धारित संख्या 24 से घटाकर 12 कर दिया गया था.

बता दें हाल ही में पश्चिम बंगाल, पंजाब, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड के मुख्यमंत्री की ओर से परीक्षा को रोकने के लिए समीक्षा याचिका दायर की गई थी. जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था.

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