परासिया भाजपा में नया समीकरण: डॉ. नितिन की सक्रियता से बढ़ी सियासी हलचल, क्या मुकाबला होगा त्रिकोणीय?
विजय बागड़ी, छिंदवाड़ा। विधानसभा चुनाव में अभी करीब ढाई वर्ष का समय बाकी है, लेकिन परासिया की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी के हालिया प्रदेश स्तरीय संगठनात्मक विस्तार में परासिया के युवा चेहरे डॉ. नितिन मोहन डेहरिया को पहले अनुसूचित जाति मोर्चा में सोशल मीडिया प्रभारी और बाद में भाजपा का प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट बनाए जाने के बाद क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं।
संगठन में नई जिम्मेदारियां मिलने के बाद डॉ. डेहरिया लगातार कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय हैं। गांव-गांव संपर्क, संगठनात्मक कार्यक्रमों में भागीदारी और सोशल मीडिया पर उनकी सक्रिय मौजूदगी ने उन्हें चर्चा का विषय बना दिया है। राजनीतिक गलियारों में इसे भाजपा के भीतर उभरते नए नेतृत्व के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि परासिया भाजपा में फिलहाल तीन प्रमुख चेहरे चर्चा के केंद्र में हैं। इनमें पूर्व प्रत्याशी और वर्तमान विधानसभा प्रभारी ज्योति डेहरिया, पूर्व विधायक ताराचंद बावरिया और युवा नेता डॉ. नितिन मोहन डेहरिया शामिल हैं। ऐसे में आने वाले समय में टिकट की दौड़ और राजनीतिक गतिविधियां और रोचक हो सकती हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रत्याशी रहीं ज्योति डेहरिया वर्तमान में विधानसभा प्रभारी हैं। हाल ही में उन्हें प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य भी बनाया गया है। इससे पहले वे अनुसूचित जाति मोर्चा की जिला अध्यक्ष रह चुकी हैं। महिलाओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है और वे लगातार संगठनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय रहती हैं। पिछले चुनाव में उन्हें बेहद कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। उनके समर्थकों का मानना है कि उस समय आंतरिक परिस्थितियों का भी असर चुनाव परिणाम पर पड़ा था।
-अनुभव की ताकत के साथ मैदान में ताराचंद बावरिया
पूर्व विधायक ताराचंद बावरिया परासिया की राजनीति का बड़ा नाम रहे हैं। उन्होंने दो बार विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया और करीब एक दशक तक क्षेत्र की राजनीति में प्रभाव बनाए रखा। लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठन में मजबूत पहचान उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। उनके समर्थकों का मानना है कि क्षेत्र में उनके कार्यकाल के दौरान कई विकास कार्य हुए, जिनमें मंधान डेम का निर्माण प्रमुख उपलब्धियों में गिना जाता है। हालांकि लगातार दो चुनावी हार के बाद उनके सामने नई राजनीतिक चुनौतियां भी खड़ी हुई हैं।
-युवा चेहरे के रूप में उभरे डॉ. नितिन
करीब 28 वर्षीय डॉ. नितिन मोहन डेहरिया को भाजपा के उभरते युवा नेताओं में गिना जा रहा है। पत्रकारिता विषय में पीएचडी कर चुके डॉ. डेहरिया लंबे समय तक छात्र संगठन में सक्रिय रहे हैं। विद्यार्थी परिषद में विभिन्न दायित्व निभाने के साथ उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में भी प्रतिनिधित्व किया। हाल के महीनों में प्रदेश भाजपा और मोर्चे में मिली जिम्मेदारियों के बाद वे संगठन के पक्ष को मीडिया और जनसंपर्क के माध्यम से लगातार मजबूती से रख रहे हैं। उनकी सक्रियता और युवाओं के बीच बढ़ते प्रभाव को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है।
-चर्चाएं तेज, लेकिन फैसला संगठन के हाथ में
फिलहाल यह पूरा राजनीतिक परिदृश्य चर्चाओं और संभावनाओं पर आधारित है। विधानसभा चुनाव में अभी लंबा समय बाकी है और उम्मीदवार तय करने का अधिकार पूरी तरह संगठन के पास होगा। हालांकि डॉ. नितिन की बढ़ती सक्रियता, ज्योति डेहरिया की संगठनात्मक भूमिका और ताराचंद बावरिया के अनुभव ने परासिया भाजपा की राजनीति को जरूर दिलचस्प बना दिया है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि पार्टी किस चेहरे पर भरोसा जताती है और परासिया का राजनीतिक समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ता है।
