मां ने अपने ही बेटे के साथ ऐसा क्या किया??जिसे देखकर सब हैरान

सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के सैरपुर गांव में चौंकाने वाला मामला सामने आया है. एक कलयुगी मां ने तैश में आकर अपने ही मासूम बच्चे को मौत के घाट उतारा जिसकी उम्र महज 10 माह थी.यही नहीं बाद में वारदात को छिपाने के लिये बच्चे के शव को एक कमरे में छिपा दिया.जानकारी के अनुसार मां के तीन बच्चे में से सबसे छोटे बेटे का गला दबाकर मार दिया. कुछ समय बाद परिवार के अन्य सदस्यों को मासूम बच्चा न दिखा को ग्रामीण और पुलिसको सूचना दी.सूचना मिलते ही पुलिस ने तलाशी शुरू की जिसके दौरान उन्हें मासूम बच्चे का शव बरामद हुआ.

ASP अंजू लता पटले ने बताया कि 25 साल की प्रियंका पति सुधीर गुप्ता ने 10 महीने के बेटे गोलू की गला घोंटकर हत्या की बात को मानी है. पुलिस ने उसे पकड़ा तो राेते हुए वह बार-बार यही कहती रही… पता नहीं अचानक क्या हो गया कि मैंने अपने ही कलेजे के टुकड़े का गला घोंट दिया।पूछताछ के दौरान प्रियंका के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे उसने बताया कि बच्चा बीमार था.वह बार-बार उल्टी दस्त कर रहा था.परेशान हो गई थी, फिर अचानक पता नहीं मुझे क्या हुआ कि पास में ही पड़े एक कपड़े को फाड़कर उसके टुकड़े से कलेजे के टुकड़े का गला घोंट दिया।

बार-बार बयान बदल रही थी महिला:इससे पहले, पुलिस शक होने पर मां प्रियंका को थाने लाई.पहले उसने कहा कि बच्चे को 5 मिनट के लिए अकेला छोड़कर पानी भरने चली गई थी.लौटकर आई, तो देखा बच्चे की मौत हो चुकी है. ग्रामीणों द्वारा बताई गई तंत्र-मंत्र वाली बात पर भी पूछताछ हुई.लोग अंधविश्वास में अपने को ही मार देते हैं .हालांकि कई बार बयान बदलने के बाद उसने जुर्म कबूल कर लिया।

अंधविश्वास के चक्कर में भी लोग अपनों को ही मार देते हैंं एएसपी अंजुलता के अनुसार वारदात को अंजाम उकसाहट में आकर दिया गया है. हत्या का कारण क्या है?इसका अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है. पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है. जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. सूत्रों के मुताबिक सीधी जिला मध्य प्रदेश के पिछड़ों जिलों में आता है. इस इलाके में अंधविश्वास के चलते आये दिन ऐसे मामले आते रहते हैं.यहां अंधविश्वास के चक्कर में भी लोग नाते रिश्तों को भूलकर अपनों की ही जान के दुश्मन बन जाते है. ऐसे मामलों को सुलझाना पुलिस के लिये भी बड़ी चुनौती है. पुलिस भी इन मामलों में उलझकर रह जाती है.

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