September 9, 2020

21 सितंबर से खुल सकेंगे स्कूल, केंद्र ने जारी की एसओपी

केंद्र सरकार चरणबद्ध तरीके से अनलॉकिंग का अनुसरण कर रही है. स्वैच्छिक आधार पर 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को शिक्षकों से मार्गदर्शन के लिए स्कूल जाने की इजाजत मिलेगी. स्कूलों में गतिविधियों की आंशिक बहाली के लिए 21 सितंबर 2020 से अनुमति दी जाएगी. इसको लेकर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी की गई है.

नई दिल्ली : कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच देश में अनलॉकिंग की प्रक्रिया लगातार जारी है. इसी बीच केंद्र सरकार ने आने वाली 21 सितंबर से आंशिक रूप से स्कूल खोलने की अनुमति दी है. सरकार के आदेश के अनुसार स्वैच्छिक आधार पर कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक के छात्रों के लिए ही स्कूल खुलेंगे. स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन में कई हिदायतें दी गई हैं.

केंद्र की तरफ से जारी एसओपी का सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को पालन करना होगा. इसके अंतर्गत स्कूल के अंदर क्या सुविधाएं होनी चाहिए इसको लेकर भी विस्तार से जानकारी दी गई है.

21 सितंबर से खुलेंगे 9 से 12 तक के स्कूल आंशिक रूप से स्कूल खुलने की गाइडलाइंस जारी

अभिभावकों की लिखित सहमति के साथ छात्र गाइडेंस के लिए जा सकते हैं स्कूल

  • 6 फीट की दूरी रखना होगा अनिवार्य थूकने पर रहेगा प्रतिबंध
  • मास्क का उपयोग होगा अनिवार्य
  • कंटेनमेंट जोन में आने वाले स्कूल नहीं खुलेंगे

जानकारी के मुताबिक सरकारी आदेश में कहा गया है कि कंटेनमेंट जोन के बाहर के ही स्कूल खोले जाएंगे.

सरकार ने अपने आदेश में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को सर्वोपरि मानते हुए कई निर्देश दिए हैं. साथ ही सरकार ने यह भी कहा है कि डिस्टेंस लर्निंग जारी रखी जाएगी और इसे प्रोत्साहन दिए जाने की जरूरत है.

साथ गाइडलाइन में स्कूलों के सैनेटाइजेशन को लेकर भी कई बातें कही गई हैं.

कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक के छात्र टीचर्स से निर्देशन प्राप्त करने के लिए स्कूल जा सकेंगे. लेकिन कंटेनमेंट जोन में रह रहे छात्रों को स्कूल जाने की अनुमति नहीं होगी. छात्रों को स्कूल भी पैरेंट्स और टीचर्स की लिखित सहमति के बाद ही जाने दिया जाएगा.

आदेश में यह भी कहा गया है कि स्कूल में उन्हीं छात्रों और टीचर्स को अनुमति दी जाए जिनके भीतर कोरोना से संबंधित कोई भी लक्षण न मौजूद हों. कठीन और विषम परिस्थितियों में किसी के भीतर कोविड-19 से मिलते-जुलते लक्षण पाए जाते हैं उन्हें तुरंत कोरोना टेस्ट के लिए भेजा जाए.

गाइडलाइन के मुताबिक शिक्षक और छात्र के बीच छह फिट की दूरी होना अनिवार्य है. साथ ही समय-समय पर साबून से हाथ धोते रहना है. (40 से 60 सेकेंड तक). मास्क लगाना अनिवार्य है

SPONSORED

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *