मध्यप्रदेश में टल सकते हैं पंचायत चुनाव, ओमिक्रॉन से अलर्ट हुई सरकार, गृह मंत्री ने कहा- चुनाव किसी की जिंदगी से बड़ा नही है

भोपाल। कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट के केस तेजी से बढ़ते देख केंद्र और राज्य सरकारें अब अलर्ट पर आ गई हैं और प्रसार पर काबू पाने के लिए जरूरी कदम उठा रही हैं। मध्य प्रदेश में भी शिवराज सरकार ने कोरोना वायरस की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए प्रदेश में सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं। इस बीच ऐसा कहा जा रहा है कि मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव को टालने पर भी सरकार विचार कर रही है।

जाहिर है कि ओबीसी आरक्षण को लेकर पहले ही पंचायत चुनाव में पेंच फंसा हुआ है और अब कोरोना के बढ़ने की वजह से पंचायत चुनाव के टलने के आसार नजर आने लगे हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान आज सभी संभागों को कमिश्नर, जिलों के कलेक्टर और एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोविड की स्थिति की समीक्षा करेंगे।

गृह मंत्री ने भी दिए संकेत:
वहीं इससे पहले मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी चुनाव टलने के संकेत दिए हैं। दरअसल, उन्होंने कहा कि चुनाव किसी की जिंदगी से बड़ा नहीं है। लोगों की जान हमारे लिए पहली प्राथमिकता है। कोरोनाकाल में अन्य प्रदेश में हुए पंचायत चुनाव से लोगों की सेहत पर खासा प्रभाव पड़ा था। इसलिए मेरी व्यक्तिगत राय है कि कोरोना के बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए पंचायत चुनाव को टाल दिया जाना चाहिए।

मध्यप्रदेश कोविड गाइडलाइंस:
मध्य प्रदेश में कोरोना के प्रसार पर काबू पाने के लिए नाइट कर्फ्यू का एलान कर दिया गया है। ओमिक्रॉन वेरिएंट की एंट्री के बाद नाइट कर्फ्यू लागू करने वाला एमपी पहला राज्य बन गया है। सरकार ने रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा नई गाइडलाइन में कहा गया है कि वैक्सीन के दोनों डोज लेने के बाद ही क्लब, कोचिंग, जिम, सिनेमाघरों में प्रवेश मिलेगा। मास्क लगाना अनिवार्य है, अगर किसी व्यक्ति को बिना मास्क देखा जाता है तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

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