आखिर शुरू हुई बारहवीं की परीक्षा, जाने कैसे हुआ छात्रों का परीक्षा कक्ष में प्रवेश

बाहरवीं के छात्रों व छात्र संघठन एनएसयूआई लगातार मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से छात्रों के लिए जनरल प्रोमोशन की मांग कर रहे थे लेकिन ऐसा हो पाना सम्भव नही हो पाया और छात्रों की परीक्षा तिथि माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा घोषित कर दी गई। स्वास्थ की चिंता और भविष्य गढ़ने की ललक में छात्र परीक्षा केंद्र पहुँचे।

आगर-मालवा: पूरे प्रदेश में कक्षा बाहरवीं की परीक्षा लॉकडाउन के बाद काफी ज्यादा विरोध के चलते आखिरकार 9 जून से शुरू हुई है। जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर नगरपालिका द्वारा परीक्षा के एक दिन पूर्व सभी परीक्षा कक्ष को सेनेटाइज किया गया था। बता दे बारहवीं के छात्रों व छात्र संघठन एनएसयूआई लगातार मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से छात्रों के लिए जनरल प्रोमोशन की मांग कर रहे थे लेकिन ऐसा हो पाना सम्भव नही हो पाया और छात्रों की परीक्षा तिथि माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा घोषित कर दी गई। स्वास्थ की चिंता और भविष्य गढ़ने की ललक में छात्र परीक्षा केंद्र पहुँचे। सब कुछ पूर्व परीक्षा आयोजन जैसा ही था पर कुछ सावधानियां कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग व जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बरती गई।

इस तरह कराया गया हाथों को सेनेटाइज.

परीक्षा केंद्र पर प्रवेश द्वार के बाहर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा परीक्षा केंद्र पर आने वाले हर एक व्यक्ति, विद्यर्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई व उन्हें प्रवेश देने से पहले उनके हाथों को सेनेटाइजर के माध्यम से सेनेटाइज किया गया व सभी छात्रों को मास्क लगाने के निर्देश दिए गए व जिन छात्रों के पास व्यवस्तिथ मास्क नही था उन्हें मास्क भी परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराया गया। वही छात्रों के लिए पीने के पानी के लिए भी एक ग्लास का उपयोग ना करते हुए डिस्पोजल का उपयोग किया गया अथवा हम यह कह सकते है की परीक्षा केंद्र पर कोरोना संक्रमण को रोकने के प्रयास काफी हद तक बेहतर दिखाई दिए।

छात्रों को परीक्षा कक्ष ढूंढने में मदद करते शिक्षक.

सुबह परीक्षा के समय से 1 घण्टा पूर्व “दि टेलीग्राम” की टीम जब जिला मुख्यालय पर मॉडल स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र पर पहुँची तब यह सब नजारे हमे दिखाई दिए। केंद अध्य्क्ष जी.पी जिंदल से जब दि टेलीग्राम की टीम ने चर्चा की तो उन्होंने बताया की मॉडल स्कूल में लगभग 85 बच्चे रसायन शास्त्र(केमिस्ट्री) की परीक्षा दे रहे है, वही छात्रों की बराबर जाँच स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही है, थर्मल स्क्रीनिंग से लेकर सेनेटाइजर का प्रयोग भी किया जा रहा है।

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