November 24, 2020

शहर में घुसा सांभर सुरक्षित किया रेस्क्यू


दमोह से शंकर दुबे की रिपोर्ट

भोजन पानी की तलाश में भटकते हुए एक बड़ा सांभर आज पुलिस अधीक्षक के बंगले तथा आसपास के कॉलोनी क्षेत्र में पहुंच गया। सूचना मिलने पर वन विभाग ने सांभर का रेस्क्यू कर उसे वापस जंगल में छोड़ा।
आज सुबह-सुबह जब एक सांभर भटकते हुए पुलिस अधीक्षक, ई ई पीडब्ल्यूडी , ई ई जल संसाधन विभाग के निवास एवं आसपास के कालोनी क्षेत्र में पहुंच गया। बंगले पर तैनात कर्मचारियों जब सांभर को देखा दो इसकी सूचना तुरंत ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम को दी गई। सूचना पाकर दमोह रेंजर महिपाल सिंह, वनपाल तनवीर खान, वन रक्षक विकास श्रीवास्तव, बृजेश महोबिया, वरुण चौबेे, संजय रैकवार लक्ष्मी आदि स्टाफ के साथ सांभर का रेस्क्यू करने पहुंचे। उन्होंने नेट जाली लगाकर सांभर को पकड़ने का प्रयास किया तथा उसे रस्सी से बांधा लेकिन पहली बार में सांभर ने किसी तरह रस्सी तोड़ दी एवं भागने की कोशिश की तब उसे जाल बिछाकर सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया। बाद में सांभर को एक वेन में बैठाकर बालाकोट के आगे तेजगढ़ चौरई के जंगल में छोड़ा गया।

पहले भी आ चुके हैं जंगली जानवर

जानकारों का कहना है कि सांभर संभवत: भोजन पानी की तलाश में भटकते हुए शहर में आ गया होगा। इसके पूर्व सांभर, चिंकारा तथा तेंदुए की शहर में आने की घटनाएं हो चुकी हैं। लगातार सफाया होते जंगलों के कारण जंगली जानवरों को भोजन पानी की तलाश में भटकना पड़ता है। इसलिए शहरों में वह अक्सर पहुंच जाते हैं। गौरतलब है कि दमोह जिले की भौगोलिक सीमा तीन तरफ से अभ्यारण तथा टाइगर रिजर्व से घिरी हुई है । हटा के आगे बटियागढ़ से लेकर छतरपुर तथा पन्ना जिला के आधे से अधिक हिस्से में पन्ना टाइगर रिजर्व का क्षेत्र लगता है। तो दूसरी तरफ सागर जिले के रहली से तेंदूखेड़ा तेजगढ़, इमलिया खर्रा घाट तक नौरादेही अभ्यारण लगता है। इसी तरह जबलपुर रोड पर सिंगोरगढ़ से लगे हुए क्षेत्र में रानी दुर्गावती अभयारण्य लगा हुआ है जिसकी सीमा नरसिंहपुर जिले तक लगती है। इन तीनों ही क्षेत्रों में वन्यजीव बड़ी संख्या में विद्यमान हैं। जिससे उनकी आवाजाही अक्सर शहरों में हो जाया करती है।

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