गुना में दलित दंपति पिटाई वाली अमानवीय घटना के विरोध में भीम आर्मी ने सौंपा ज्ञापन.

पिछले दिनों गुना में घटित हुई दलित दंपति पिटाई मामले ने अब तूल पकड़ ली है. भीम आर्मी ने अब पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पूरे प्रदेश में राज्यपाल के नाम ज्ञापन देने का सिलसिला शुरू कर दिया है.

आगर-मालवा.

पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए भीम आर्मी अब मैदान में उतर चुकी है. आज भीम आर्मी की जिला कार्यकारिणी द्वारा राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया।

यह है मामला.

मामला गुना जिले के कैंट थाने के जगनपुर चक का है। माता-पिता के जहर खाकर गिरने के बाद मासूम बच्चे बिलख-बिलख कर रो पड़े जिसे देखकर सभी के रोंगटे खड़े हो गए। जिस जमीन से अतिक्रमण हटाया जाना था वो मॉडल कॉलेज के लिए चयनित है। इस जमीन पर एक दलित परिवार किसानी करता है। प्रशासन से परिवार ने हाथ जोड़कर गुहार लगाई कि फसल कट जाने तक कार्रवाई न करें लेकिन जब प्रशासनिक टीम नहीं मानी तो दलित पति-पत्नी ने घर की झोपड़ी में ही रखी कीटनाशक पी लिया।

ज्ञापन में है यह प्रमुख मांगे.

●जिले के एसपी कलेक्टर एवं उक्त घटना में संलिप्त सभी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया जाए.

●उनके खिलाफ एट्रोसिटी के अंतर्गत कार्यवाही की जाए.

● परिवारों को 30 लाख का मुआवजा दिया जाए.

● बच्चों को उच्च शिक्षा की व्यवस्था की जाए.

●कर्नाटक राज्य की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी दलित आदिवासी लॉ बोर्ड बनाया जाए.

● गुना कांड की जांच सीबीआई से करवाई जाए.

●जिस जमीन पर विवाद हुआ वह जमीन पीड़ित व्यक्ति के नाम पर की जाए, ताकि वह अपना 2 लाख रुपए का कर्ज चुका सके।

दलित परिवार की दर्दभरी दास्तां.

दलित राजू ने अतिक्रमण हटाने पहुंचे अधिकारियों से गुहार लगाते हुए ये तक कहा कि साहब मैं गरीब आदमी हूं, मुझ पर तीन लाख रुपए का कर्जा है, 6 छोटे-छोटे बच्चे हैं, कर्ज को पटाने के लिए मैं बटाई पर जमीन लेकर खेती कर रहा हूं। मुझे खेती कर लेने दीजिए, नहीं तो मेरे परिवार को जहर दे दीजिए

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