CM के लाइव में एक घंटे की देरी के बाद कलश वितरण में भगदड़, विधायक मधु गेहलोत के आयोजन में एक दर्जन से ज्यादा महिलाएं घायल
विजय बागड़ी, आगर मालवा। आगर-मालवा में गुरुवार को 51 हजार कलश यात्रा से पहले पुरानी कृषि उपज मंडी में कलश वितरण के दौरान हालात बिगड़ गए। विधायक मधु गेहलोत के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं सुबह से ही मंडी पहुंच गई थीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लाइव प्रसारण में करीब एक घंटे की देरी हुई। लंबे इंतजार के बाद जैसे ही कलश वितरण शुरू हुआ, महिलाओं की भीड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
इस दौरान कई महिलाएं गिरकर घायल हो गईं। एक दर्जन से अधिक महिलाओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से कुछ महिलाओं की तबीयत बिगड़ने पर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। कई महिलाओं को घबराहट, उल्टी और कमजोरी की शिकायत भी हुई।
बताया जा रहा है कि महिलाओं को सुबह करीब 9 बजे मंडी पहुंचने के लिए कहा गया था। हजारों महिलाएं समय पर पहुंच गईं, लेकिन कार्यक्रम आगे बढ़ने में देरी होती रही। मुख्यमंत्री का लाइव प्रसारण निर्धारित समय से लगभग एक घंटे बाद शुरू हुआ। इस दौरान मंडी परिसर में भीड़ लगातार बढ़ती रही।
लाइव कार्यक्रम खत्म होने के बाद कलश लेने के लिए महिलाओं की भीड़ बैरिकेडिंग के पास पहुंची। वितरण शुरू होते ही भीड़ का दबाव बढ़ गया और कई महिलाएं एक-दूसरे से टकराकर गिर गईं। व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस और आयोजकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
इसी बीच भीड़ के बीच महिलाओं के सोने के आभूषण चोरी होने की सूचना भी सामने आई है। करीब 15 से 20 महिलाओं के चेन, मंगलसूत्र सहित अन्य आभूषण गायब होने की बात कही जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
विधायक मधु गेहलोत के नेतृत्व में हुए इस बड़े आयोजन में हजारों महिलाओं की मौजूदगी के बावजूद कलश वितरण के दौरान बनी स्थिति ने आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर लंबे इंतजार के बाद एक साथ कलश वितरण शुरू किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
उधर, 51 हजार कलश यात्रा के कारण आगर हाईवे पर भी करीब तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। बड़ी संख्या में वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही के चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कुल मिलाकर, जिस आयोजन में हजारों महिलाओं के साथ भव्य कलश यात्रा निकालने की तैयारी थी, उसकी शुरुआत ही अव्यवस्था और भगदड़ के बीच हुई। अब प्रशासन और आयोजन समिति की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
