रिटायर्ड अधिकारी के भुगतान के नाम पर मांगी रिश्वत, लोकायुक्त ने कलेक्टोरेट में बाबू को 50 हजार रुपये लेते दबोचा

रिटायर्ड अधिकारी के भुगतान के नाम पर मांगी रिश्वत, लोकायुक्त ने कलेक्टोरेट में बाबू को 50 हजार रुपये लेते दबोचा


विजय बागड़ी, आगर-मालवा। कलेक्टर कार्यालय में शुक्रवार को उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में पदस्थ बाबू मनीष पिता राधारमण पंड्या को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर विभाग के सेवानिवृत्त एवं लकवाग्रस्त अधिकारी के लंबित भुगतान जारी कराने के बदले 1 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।

जानकारी के अनुसार, फरियादी विजय बोरसिया के पिता गोवर्धनलाल बोरसिया खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त हुए थे। वर्तमान में वे लकवाग्रस्त हैं। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली ग्रेच्युटी, बीमा, पेंशन और अन्य वित्तीय देयकों का भुगतान लंबे समय से लंबित था। स्वास्थ्य कारणों से गोवर्धनलाल स्वयं कार्यालय नहीं आ सकते थे, इसलिए उनके पुत्र विजय बोरसिया भुगतान संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे थे।

आरोप है कि विभाग में पदस्थ बाबू मनीष पंड्या ने सभी लंबित भुगतान जारी कराने के एवज में डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। रिश्वत की मांग से परेशान होकर विजय बोरसिया ने उज्जैन लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की। शिकायत का सत्यापन होने के बाद लोकायुक्त ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की।योजना के तहत शुक्रवार, 10 जुलाई को फरियादी पहली किस्त लेकर आरोपी के पास पहुंचा। उसने 50 हजार रुपये नकद और 50 हजार रुपये का चेक दिया। आरोपी ने चेक लेने से इनकार करते हुए केवल 50 हजार रुपये नकद अपने पास रख लिए। जैसे ही रिश्वत की राशि स्वीकार की गई, फरियादी ने पूर्व निर्धारित संकेत लोकायुक्त टीम को दे दिया।

संकेत मिलते ही लोकायुक्त निरीक्षक दीपक शेजवार के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को 50 हजार रुपये की रिश्वत के साथ रंगेहाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि बरामद की गई और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की गई।लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई के बाद कलेक्टर कार्यालय परिसर में दिनभर चर्चाओं का माहौल बना रहा।




About Author

You may have missed