शादी से पहले दुल्हन हुई कोरोना पॉजिटिव, कोविड केयर सेंटर पहुँची बारात, पीपीई किट पहनकर दूल्हा-दुल्हन ने लिए सात फेरे
शाहबाद (बारां)। कोरोना काल में शादियों पर सरकार ने कई तरह की रोक लगाई हुई है. सिर्फ 100 मेहमानों में ही शादी राजस्थान में की जा रही है, लेकिन बारां जिले के केलवाड़ा में रविवार एक अनोखी शादी हुई. जिसमें कोविड-19 सेंटर पर दूल्हा बारात लेकर पहुंचा और पीपीई किट में उसने दुल्हन के साथ सात फेरे लिए.
जानकारी के मुताबिक, बारां जिले के नाहरगढ़ इलाके के छतरपुरा गांव की दुल्हन को केलवाड़ा के दूल्हे को आज सात फेरे लेने थे, लेकिन तबीयत खराब होने के चलते परिजनों ने दुल्हन और उसकी मां की दो दिन पहले कोरोना की जांच करवाई थी. रविवार सुबह 10:00 बजे दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई थी. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जब कांट्रेक्ट ट्रेस किया, तो सामने आया कि जो पॉजिटिव मिले हैं, वह दुल्हन और उसकी मां है. आज ही दुल्हन को शादी में सात फेरे लेने हैं, लेकिन दूल्हा पक्ष के लोगों ने कहा कि एक बार विवाह की रस्म “तेल चढ़ जाना” होने के बाद विवाह संपन्न करवाना आवश्यक होता है.
ऐसे में चिकित्सा विभाग ने पूरी बात जिला कलेक्टर इंद्र सिंह राव तक पहुंचाई और अधिकारियों ने तय किया कि कोविड केयर सेंटर में ही पीपीई किट पहनाकर विवाह किया जाए. जिसमें अधिकारी भी मौजूद रहे. ऐसे में केलवाड़ा के सीताबाड़ी कोविड-19 सेंटर पर विवाह तय किया गया. दुल्हन को पहले ही कोविड-19 सेंटर पहुंचा दिया गया था. इस शादी में केवल चार जनों को ही अनुमति दी गई. इनमें दूल्हा, दुल्हन के पिता और पंडित शामिल थे, जबकि दुल्हन पहले से ही कोविड केयर सेंटर में मौजूद थी.
वहाँ मौजूद इन सभी लोगों को पीपीई किट पहनाई गई और महज आधे घंटे में ही पंडित ने विवाह की पूरी रस्म की. कोविड केयर सेंटर में ही सरकारी गाइडलाइन के नियमों का पालन करते हुए पीपीई किट पहनकर शादी संपन्न हुई. यह अनोखी शादी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है. इस दौरान शाबाद एसडीएम राहुल मल्होत्रा केलवाड़ा एसएचओ और बीसीएमओ डॉ. आरिफ भी मॉनिटरिंग के लिए मौजूद थे. जबकि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कहने पर ही परिजनों ने शादी के अन्य सभी आयोजन रद्द कर दिए थे.